मुख्यमंत्री धामी
देहरादून। उत्तराखंड में फर्जी दस्तावेज़ों के सहारे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने वालों पर अब सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो टूक शब्दों में कहा कि फर्जी दस्तावेज़ बनवाने वालों पर कानून का बुलडोज़र चलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी और आयुष्मान कार्ड जैसे दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ऐसे लोग न केवल सरकारी संसाधनों पर अनावश्यक बोझ डालते हैं, बल्कि गरीब और ज़रूरतमंद लोगों का हक भी छीनते हैं। उन्होंने साफ किया कि इस तरह की गड़बड़ियों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने “ऑपरेशन कालनेमी” के तहत धार्मिक आड़ में जनता को गुमराह करने वाले तत्वों पर भी कड़ी नज़र रखने और नियमित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग धर्म का मुखौटा पहनकर समाज में भ्रम फैला रहे हैं, जो कि राज्य की एकता और शांति के लिए खतरा है। ऐसे लोगों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
सीएम धामी ने प्रशासन को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि पारदर्शिता, कानून का पालन और जनता के अधिकारों की रक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई को स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार के इस रुख से स्पष्ट है कि अब फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों के लिए उत्तराखंड में कोई जगह नहीं है।

