हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर आवास योजना कैंप की तैयारी
हल्द्वानी। बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने राहत और पुनर्वास की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा दिए हैं। प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए अब प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत बड़े स्तर पर कैंप लगाने की तैयारी शुरू हो गई है।

प्रशासन के अनुसार, लगभग 30 हेक्टेयर भूमि पर 4300 से अधिक परिवारों को बसाने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए प्रशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मिलकर काम कर रहे हैं ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके।
फॉर्म वितरण और कैंप की तैयारी

हल्द्वानी में सिटी मजिस्ट्रेट ए.पी. वाजपेई के नेतृत्व में अधिकारियों और कर्मचारियों को फॉर्म वितरण और प्रक्रिया को लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
- अगले तीन दिनों तक बनभूलपुरा क्षेत्र में घर-घर जाकर आवास योजना के फॉर्म बांटे जाएंगे
- 21 मार्च से रेलवे अतिक्रमण क्षेत्र में 6 अलग-अलग स्थानों पर कैंप लगाए जाएंगे
- इन कैंपों में प्रभावित परिवारों के फॉर्म भरवाए जाएंगे और दस्तावेज सत्यापन किया जाएगा
सुप्रीम कोर्ट को जाएगी रिपोर्ट
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कैंप में भरे गए सभी फॉर्म और डेटा को संकलित कर सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट के रूप में भेजा जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि प्रभावित लोगों को न्यायिक निर्देशों के तहत समय पर राहत मिल सके।
बड़ी आबादी पर असर
बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण क्षेत्र में इस कार्रवाई से करीब 50 हजार से अधिक लोग प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में यह योजना उनके लिए राहत का बड़ा माध्यम बन सकती है।
प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता उन परिवारों को दी जाएगी जो वास्तव में पात्र हैं और जिनके पास रहने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है।
पुनर्वास की दिशा में अहम कदम
यह पहल न केवल अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाएगी बल्कि बेघर होने की स्थिति से जूझ रहे हजारों परिवारों को स्थायी आवास देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
