टनकपुर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माँ पूर्णागिरि मेला 2025 का शुभारंभ किया।
टनकपुर। पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक माँ पूर्णागिरि मेले 2025 का टनकपुर से विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने मेले को वर्षभर संचालित करने का संकल्प व्यक्त करते हुए पूर्णागिरि धाम को स्थायी सुविधाओं से सुसज्जित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और इसके प्रत्येक कण में दिव्यता समाई हुई है। उन्होंने माँ पूर्णागिरि से प्रदेश की खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में यह धाम और अधिक भव्य, सुव्यवस्थित तथा श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाया जाएगा।
पूर्णागिरि क्षेत्र के लिए घोषित प्रमुख विकास कार्य

मुख्यमंत्री द्वारा मेले के उद्घाटन अवसर पर कई आधारभूत संरचना परियोजनाओं की घोषणा की गई, जिनमें शामिल हैं:
- सेलागाड़ से कोटकेंद्री तक संपर्क मार्ग निर्माण
- कालीगूठ–पूर्णागिरि मेला स्थलों का सौंदर्यीकरण
- तामली–रूपालीगढ़–सीम मोटर मार्ग निर्माण
- भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण
- मंच–लेठी–वमनगांव–तरकुली–आवड़ा–सेम–चूका मोटर मार्ग सुधार
- विश्राम मार्ग एवं पुलिया निर्माण
- पूर्णागिरि आंतरिक क्षेत्र का समग्र विकास
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को इन घोषणाओं पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पूर्णागिरि धाम को वर्षभर चलने वाला आध्यात्मिक केंद्र बनाने की योजना
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पूर्णागिरि मेले को 12 महीने संचालित करना है। इसके लिए:
- स्थायी संरचनाएँ विकसित की जाएंगी
- रोपवे परियोजना से यात्रा होगी सुगम
- संचार नेटवर्क मजबूत किया जाएगा
- स्वच्छता, पेयजल और धर्मशालाओं की व्यवस्था बेहतर होगी
यह पहल श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगी।
चम्पावत जिले के लिए विकास का व्यापक विज़न
मुख्यमंत्री ने चम्पावत को धार्मिक, पर्यटन और शैक्षिक केंद्र के रूप में विकसित करने का रोडमैप प्रस्तुत किया:
परिवहन व कनेक्टिविटी
- टनकपुर बस स्टेशन को ₹240 करोड़ से इंटरस्टेट बस टर्मिनल बनाया जाएगा
- मंदिरों तक पहुँच मार्ग चौड़ीकरण (मानसखंड मंदिर माला मिशन)
शिक्षा व विज्ञान
- सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय का चम्पावत कैंपस – आईटी लैब व महिला छात्रावास
- ₹55 करोड़ से साइंस सेंटर निर्माण
स्वास्थ्य सेवाएँ
- जिला अस्पताल में 50-बेड क्रिटिकल केयर ब्लॉक
- इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान भवन निर्माण पूर्ण
खेल व महिला सशक्तिकरण
- लोहाघाट में ₹237 करोड़ की महिला स्पोर्ट्स कॉलेज परियोजना
- नया पॉलिटेक्निक भवन तैयार
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्णागिरि क्षेत्र के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को जोड़कर विशेष पर्यटन सर्किट विकसित किया जाएगा। इससे:
- सालभर पर्यटक आकर्षित होंगे
- स्थानीय व्यापार और रोजगार बढ़ेगा
- चम्पावत धार्मिक व साहसिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा
टनकपुर में राफ्टिंग गतिविधियों को राष्ट्रीय पहचान मिलने और श्यामलाताल झील विकास परियोजना से क्षेत्र को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य जारी है।
स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधायुक्त मेला – सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने मेला समिति को आश्वस्त किया कि श्रद्धालुओं के लिए:
- स्वच्छ पेयजल
- साफ शौचालय
- बेहतर धर्मशालाएँ
- स्वच्छ मेला क्षेत्र
सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालु सुखद अनुभव लेकर लौटें।
निष्कर्ष
माँ पूर्णागिरि मेला 2025 का शुभारंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि चम्पावत जिले के समग्र विकास, पर्यटन विस्तार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का वर्षभर मेला संचालित करने का संकल्प इस क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर के आध्यात्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित कर सकता है।
