देहरादून के सेन्ट्रियो मॉल में गौ संरक्षण आधारित फिल्म ‘गौदान’ देखते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
देहरादून। देहरादून स्थित सेन्ट्रियो मॉल, हाथीबड़कला में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गौ संरक्षण पर आधारित फिल्म ‘गौदान’ का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने फिल्म की विषयवस्तु की सराहना करते हुए इसे भारतीय संस्कृति, ग्राम्य जीवन और गौ-संवर्धन की परंपरा से जुड़ा अत्यंत सार्थक एवं प्रेरणादायी प्रयास बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी फिल्में समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करती हैं और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
गौ माता: आस्था ही नहीं, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ माता को विशेष स्थान प्राप्त है। गाय केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि:
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार
- जैविक कृषि को बढ़ावा देने का माध्यम
- पोषण सुरक्षा का स्रोत
- पर्यावरण संरक्षण में सहायक
उन्होंने कहा कि ‘गौदान’ जैसी फिल्में समाज में गौ संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकती हैं।
‘गौदान’ फिल्म उत्तराखंड में टैक्स फ्री
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गौ संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर आधारित इस फिल्म को राज्य सरकार द्वारा उत्तराखंड में टैक्स फ्री किया गया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक फिल्म को पहुंचाना और गौ संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरण सुनिश्चित करना है। यह कदम समाज को सकारात्मक संदेश देने वाली फिल्मों को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
गौ आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार गौ संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
प्रदेश में निम्न क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है:
- गौशालाओं का सुदृढ़ीकरण
- निराश्रित गोवंश का संरक्षण
- पशुपालकों को प्रोत्साहन
- दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा
- गौ आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था का विस्तार
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।
उत्तराखंड को फिल्म निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में प्रयास
फिल्म के निर्माता विनोद कुमार चौधरी एवं उनकी टीम को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड कला, साहित्य और संस्कृति की समृद्ध धरोहर वाला राज्य है। राज्य सरकार उत्तराखंड को फिल्म निर्माण का प्रमुख हब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रभावी फिल्म नीति से बढ़ा फिल्मांकन
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में प्रभावी फिल्म नीति लागू की गई है, जिसके अंतर्गत:
- आकर्षक सब्सिडी
- सिंगल विंडो क्लीयरेंस
- शूटिंग के लिए सरल अनुमति प्रक्रिया
- स्थानीय कलाकारों एवं तकनीशियनों को प्रोत्साहन
नई फिल्म नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और राज्य में फिल्मांकन गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक वातावरण बना आकर्षण का केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, पर्वतीय संस्कृति, आध्यात्मिक वातावरण और विविध लोकेशन फिल्म शूटिंग के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं।
सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक फिल्में प्रदेश में शूट हों, जिससे:
- स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले
- पर्यटन को बढ़ावा मिले
- राज्य की सांस्कृतिक पहचान मजबूत हो
फिल्म विकास परिषद को किया गया सशक्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा फिल्म विकास परिषद को सशक्त बनाया गया है और फिल्म स्टूडियो तथा आधारभूत संरचना के विकास पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ‘गौदान’ जैसी प्रेरक फिल्में समाज में सकारात्मक संदेश देंगी और उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएंगी।
कार्यक्रम में रहे मौजूद
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, रेखा आर्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।
