केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वर्चुअल माध्यम से उत्तराखंड रेल बजट पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए
देहरादून। रेल बजट 2026–27 में उत्तराखंड को रेलवे विकास के लिए 4,769 करोड़ का रिकॉर्ड आवंटन मिला है। यह आवंटन 2014 से पहले की तुलना में 26 गुना अधिक है, जो राज्य में रेल अवसंरचना के अभूतपूर्व विस्तार को दर्शाता है। यह जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को पत्र सूचना कार्यालय (PIB) देहरादून से आयोजित वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।

प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री का जताया आभार
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि इस वर्ष रेलवे को 2.93 लाख करोड़ का रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) आवंटित किया गया है। उन्होंने इस ऐतिहासिक बजट के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री का भी धन्यवाद ज्ञापित किया।
2009–14 बनाम 2026–27: बड़ा अंतर
रेल मंत्री ने बताया कि
- 2009 से 2014 के बीच उत्तराखंड को रेलवे कार्यों के लिए केवल 187 करोड़ मिले थे
- जबकि रेल बजट 2026–27 में राज्य को 4,769 करोड़ का आवंटन किया गया है
यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि बीते एक दशक में उत्तराखंड के रेल विकास को कितनी प्राथमिकता मिली है।
39,491 करोड़ की परियोजनाओं पर काम जारी
उत्तराखंड में वर्तमान में रेलवे के ₹39,491 करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर कार्य प्रगति पर है। इनमें—
- नए रेल ट्रैक का निर्माण
- स्टेशन रीडेवलपमेंट
- सुरक्षा और आधुनिक तकनीक का विस्तार
शामिल है।
अमृत स्टेशन योजना से बदलेगा स्टेशनों का स्वरूप
अमृत स्टेशन योजना के तहत उत्तराखंड के 11 रेलवे स्टेशनों को पूरी तरह से आधुनिक स्वरूप देने के लिए चयनित किया गया है। इन स्टेशनों के पुनर्विकास पर 147 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।
वंदे भारत और अमृत भारत से बेहतर कनेक्टिविटी
बेहतर रेल कनेक्टिविटी और प्रीमियम सेवाओं के विस्तार के तहत—
- उत्तराखंड में 3 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें संचालित हो रही हैं
- 1 अमृत भारत एक्सप्रेस सेवा भी शुरू की जा चुकी है
इससे राज्य के प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी और पर्यटन को बड़ा लाभ मिला है।
100% विद्युतीकरण और नेटवर्क विस्तार
रेल मंत्री ने बताया कि उत्तराखंड ने रेलवे में 100% इलेक्ट्रिफिकेशन का लक्ष्य हासिल कर लिया है।
- 2014 से अब तक 334 किमी रेल लाइनों का विद्युतीकरण
- लगभग 76 किमी नए ट्रैक का निर्माण किया जा चुका है।
सुरक्षा के लिए कवच और अंडरपास
रेलवे सुरक्षा को मजबूत करने के लिए—
- अब तक 54 कवच सिस्टम स्वीकृत
- 106 फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए जा चुके हैं
इससे दुर्घटनाओं में कमी और यात्री सुरक्षा में सुधार हुआ है।
ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना तेज़ी से आगे
रेल मंत्री ने बताया कि ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर कार्य तेज़ी से चल रहा है और यह परियोजना शीघ्र उद्घाटन की ओर बढ़ रही है। यह रेल लाइन चारधाम यात्रा, पर्यटन और पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए गेमचेंजर साबित होगी।
