‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत खैरीमान सिंह में आयोजित शिविर का निरीक्षण करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान की जमीनी हकीकत जानने के लिए खुद गांव का रुख किया। मुख्यमंत्री ने देहरादून जिले के रायपुर ब्लॉक अंतर्गत खैरीमान सिंह न्याय पंचायत में आयोजित बहुद्देश्यीय शिविर का निरीक्षण कर प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की गहन समीक्षा की।

शिविर में पहुंचकर सीएम ने लिया फीडबैक
मुख्यमंत्री धामी ने ‘प्रशासन गांव की ओर’ कार्यक्रम के तहत आयोजित इस शिविर में ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों से शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली और अभियान को लेकर जनता से फीडबैक प्राप्त किया।

सरकारी योजनाओं के स्टॉलों का निरीक्षण
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया। उन्होंने यह भी देखा कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ ग्रामीणों तक किस तरह पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र व्यक्ति को किसी भी योजना से वंचित न रखा जाए।
दिव्यांग और बुजुर्गों को मिली राहत
इस शिविर के दौरान 102 दिव्यांगों और वृद्धजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए, जिससे लाभार्थियों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि जरूरतमंदों को उनके घर के पास ही सुविधाएं मिलें।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जन-समस्याओं का निस्तारण त्वरित, पारदर्शी और संतोषजनक होना चाहिए। यह अभियान अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकार की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए है, इसलिए इसे पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का असली चेहरा गांवों में दिखना चाहिए, तभी सुशासन का उद्देश्य पूरा होगा।
कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा, ब्लॉक प्रमुख सरोजिनी जवाड़ी, जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान सहित मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एसडीएम हरि गिरि, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार और विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
