AI फर्जी वीडियो को लेकर नेहरू कॉलोनी थाने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत
देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इस बार विवाद का केंद्र एक कथित AI से तैयार किया गया फर्जी वीडियो है। इसी मामले को लेकर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।

भाजपा पर AI तकनीक के दुरुपयोग का आरोप
हरीश रावत ने आरोप लगाया कि भाजपा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का दुरुपयोग करते हुए उनका फर्जी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। उनका कहना है कि यह वीडियो पूरी तरह भ्रामक है और उनकी छवि खराब करने के इरादे से तैयार किया गया है।

राजनीतिक और सामाजिक माहौल बिगाड़ने की साजिश
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के प्रयास उत्तराखंड के राजनीतिक सौहार्द और सामाजिक वातावरण को खराब करने की साजिश हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला करार दिया।
पहले भी फैलाए गए झूठ: हरीश रावत
हरीश रावत ने आरोप लगाया कि भाजपा पहले भी जुम्मे की नमाज की छुट्टी और मुस्लिम यूनिवर्सिटी जैसे मुद्दों पर झूठी बातें फैला चुकी है। उन्होंने कहा कि इस बार तो उन्हें देशद्रोही और पाकिस्तान का जासूस तक बताने की कोशिश की गई है, जो बेहद गंभीर मामला है।
सबूत दें या आरोप साबित करें
पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि यदि लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई है तो भाजपा सार्वजनिक रूप से प्रमाण दे। अन्यथा यह लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए खतरनाक है।
कार्रवाई नहीं हुई तो न्याय यात्रा की चेतावनी
हरीश रावत ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे एसएसपी, डीएम, चुनाव आयोग से लेकर न्यायालय तक जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो वे न्याय यात्रा शुरू करेंगे।
