बनभूलपुरा में सुरक्षा कड़ी, सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई 9 दिसंबर तय
हल्द्वानी। उत्तराखंड के चर्चित रेलवे भूमि अतिक्रमण विवाद हल्द्वानी बनाम रेलवे—बनभूलपुरा केस में सुप्रीम कोर्ट की आज (2 दिसंबर) होने वाली सुनवाई टल गई है। अब यह सुनवाई 9 दिसंबर, मंगलवार को होगी। आज की सुनवाई को बेहद निर्णायक माना जा रहा था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर मामले की सुनवाई लंबी खिंच गई, जिसके चलते रेलवे मामले को आगे बढ़ा दिया गया।

क्यों टली सुनवाई?
सुप्रीम कोर्ट की कॉज-लिस्ट में रेलवे मामला 24वें नंबर पर दर्ज था, जबकि एसआईआर केस 11वें नंबर पर था। शाम 4 बजे तक एसआईआर पर सुनवाई चलती रही, जिसके बाद अदालत ने अगली तारीख 9 दिसंबर निर्धारित कर दी।

बढ़ाई गई सुरक्षा, प्रशासन हाई अलर्ट पर
बनभूलपुरा क्षेत्र संवेदनशील होने के कारण जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी है।
- बनभूलपुरा में भारी पुलिस फोर्स तैनात
- ITBP और SSB रिजर्व में रखी गई
- चप्पे-चप्पे पर चेकिंग अभियान
- बाहरी लोगों और वाहनों की सख्त जांच
- जिले में धारा 144 जैसे कड़े इंतजामों की निगरानी
लोगों की नजरें अब 9 दिसंबर की सुनवाई पर टिकी हैं, जिसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पिछली सुनवाई में क्या हुआ था?
14 नवंबर की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे, राज्य सरकार और प्रभावित परिवारों की दलीलें सुनी थीं।
रेलवे का पक्ष
- परियोजना के लिए 30 हेक्टेयर भूमि आवश्यक
- अतिक्रमण हटने से रेलवे लाइन और सुरक्षा को लाभ
- पुनर्वास पर सहमति का स्पष्ट समर्थन
प्रभावित पक्ष के तर्क
- रेलवे ने पहले कभी इतनी जमीन की आवश्यकता नहीं बताई
- रिटेनिंग वॉल तैयार, अब रेलवे ढांचे को खतरा नहीं
- पीएम आवास योजना के तहत विस्थापन अनुचित
रेलवे की ओर से अधिवक्ता ऐश्वर्या भाटी ने इन तर्कों का विरोध किया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अगली तारीख 2 दिसंबर तय की थी, जो अब 9 दिसंबर हो गई है।
कोर्ट का अब तक का रुख
- 4365 परिवारों के पुनर्वास का आश्वासन अनिवार्य
- राज्य सरकार को वैकल्पिक भूमि की पहचान के निर्देश
- केंद्र, राज्य और रेलवे की संयुक्त बैठक से समाधान की अपेक्षा
क्या है पूरा मामला?
- 2013 में हाईकोर्ट में जनहित याचिका — गौला नदी में अवैध खनन का आरोप
- रेलवे ने 1959 नोटिफिकेशन, 1971 राजस्व रिकॉर्ड और 2017 सर्वे प्रस्तुत किया
- अदालत में यह साबित हुआ कि भूमि रेलवे की है
- आदेश के बाद अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी
- प्रभावितों ने 2 जनवरी 2023 को सुप्रीम कोर्ट में अपील की
- सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय के आदेश पर स्टे लगाया—तभी से सुनवाई जारी
अब आगे क्या?
9 दिसंबर का दिन निर्णायक माना जा रहा है। या तो रास्ता साफ होगा—या नए निर्देश जारी होंगे।
