बेस अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने CMO नैनीताल को 10 दिन की सख्त चेतावनी दी।
हल्द्वानी। सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में लगातार उजागर हो रही अव्यवस्थाओं और सुविधाओं के अभाव पर शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत जमकर भड़क गए। अस्पताल में निरीक्षण के दौरान मीडिया ने मंत्री से खराब व्यवस्थाओं और चरमराई स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल किए, जिसके बाद मंत्री ने मौके पर ही कड़े निर्देश जारी किए।

CMO नैनीताल को मंत्री की कड़ी चेतावनी — “10 दिन में सुधार नहीं तो ट्रांसफर तय”
स्वास्थ्य मंत्री ने साफ कहा कि अस्पताल में इलाज के मानक संतोषजनक नहीं हैं और 10 दिनों के भीतर व्यवस्थाएँ नहीं सुधरीं तो CMO नैनीताल का ट्रांसफर कर दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि व्यवस्थाएँ जनता के लिए हैं। सुधार नहीं दिखा तो कार्रवाई निश्चित है।

क्या सिर्फ CMO 10 दिनों में अस्पताल ठीक कर सकता है? उठने लगे सवाल
स्थानीय जानकारों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और पत्रकारों का मानना है कि किसी एक CMO के लिए इतने बड़े अस्पताल को 10 दिनों में पूरी तरह दुरुस्त करना लगभग असंभव है। ICU और इमरजेंसी जैसी गंभीर सेवाएं चलाने के लिए सिर्फ प्रशासनिक आदेश काफी नहीं होते, बल्कि एक पूरी विशेषज्ञ टीम की जरूरत होती है।
ICU चलाने के लिए न्यूनतम रूप से चाहिए होती है—
- कम से कम 4 एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, जो 24 घंटे रोटेशन में सेवाएं दें
- इमरजेंसी मेडिसिन के विशेषज्ञ
- प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ
- जूनियर डॉक्टर टीम
- टेक्नीशियन और सपोर्ट स्टाफ
विशेषज्ञों का कहना है कि इन सभी की नियुक्ति और उपलब्धता CMO के बस में नहीं, बल्कि शासन, स्वास्थ्य निदेशालय और सचिवालय स्तर पर निर्णय लेने की जरूरत होती है।
“फिर भी 10 दिन का इंतज़ार करेंगे, शायद कोई करिश्मा हो जाए”
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि यदि मंत्री की चेतावनी का परिणाम सकारात्मक होता है तो यह अस्पताल और जनता दोनों के लिए अच्छा साबित होगा। अब सबकी निगाहें अगले 10 दिनों पर टिकी हैं—क्या बेस अस्पताल वास्तव में सुधरेगा, या केवल चेतावनी देकर मामला आगे बढ़ जाएगा?
