काशीपुर में राज्य स्तरीय शहरी विकास सम्मेलन का शुभारंभ करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
काशीपुर। उत्तराखंड की रजत जयंती वर्ष समारोह श्रृंखला के अंतर्गत मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काशीपुर में आयोजित राज्य स्तरीय शहरी विकास सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 46 करोड़ 24 लाख रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने दिव्यांग सशक्तिकरण कौशल विकास वाहन और नगर निगम काशीपुर के 14 कूड़ा एकत्रित करने वाले वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

55 करोड़ से 1300 करोड़ तक पहुंचा शहरी विकास बजट
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य निर्माण के प्रारंभिक वर्षों में संसाधनों की कमी के बावजूद उत्तराखंड ने विकास की दिशा में शानदार प्रगति की है। उन्होंने बताया कि राज्य निर्माण के समय शहरी विकास विभाग का बजट केवल 55 करोड़ रुपये था, जो आज 1300 करोड़ रुपये से भी अधिक हो चुका है। सीएम धामी ने कहा कि हमारे शहर अब स्वच्छता, सड़क, पेयजल और जनकल्याण के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहे हैं।

63 से बढ़कर 107 स्थानीय निकाय, 11 नगर निगम सक्रिय
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2001 में उत्तराखंड में केवल 63 स्थानीय निकाय थे और देहरादून एकमात्र नगर निगम हुआ करता था। आज राज्य में 107 नगरीय निकाय और 11 नगर निगम हैं, जो नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की शहरी जनसंख्या 16% से बढ़कर 36% तक पहुंच गई है, जो विकास का स्पष्ट संकेत है।
स्मार्ट सिटी, अमृत योजना और स्वच्छ भारत मिशन से बदले शहर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में स्वच्छ भारत मिशन, अमृत योजना और स्मार्ट सिटी मिशन जैसे अभियानों ने शहरी भारत की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में ठोस कचरा प्रबंधन, स्वच्छता व्यवस्था, प्रधानमंत्री आवास योजना, और लीगेसी वेस्ट मैनेजमेंट को गति दी जा रही है। राज्य में 82.5 करोड़ रुपये की लागत से 52 स्थानीय निकायों में 115 अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे गरीब परिवारों को सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
काशीपुर में औद्योगिक हब और अरोमा पार्क परियोजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि काशीपुर में 1100 करोड़ रुपये की लागत से औद्योगिक हब परियोजना और 100 करोड़ रुपये की अरोमा पार्क परियोजना शुरू की गई हैं। इसके साथ ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और ठोस कचरा प्रबंधन के आधुनिक प्लांट के निर्माण कार्य भी जारी हैं। इन परियोजनाओं से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
शहरी विकास से बदलेगा राज्य का चेहरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शहरी विकास को अपनी प्राथमिकताओं के केंद्र में रख रही है। उन्होंने कहा कि किसी राज्य की आत्मा उसके गाँवों में बसती है, लेकिन शहरों में नागरिकों के सपने आकार लेते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड के शहरों को स्वच्छ, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जाए।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर दीपक बाली, सचिव शहरी विकास नितेश कुमार झा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया एवं एसएसपी मणिकांत मिश्रा उपस्थित रहे।
