पिथौरागढ़ में “अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025” के अवसर पर सहकारिता मेले का शुभारंभ करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी PHOTO CREDIT - X
पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को “अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025” के उपलक्ष्य में पिथौरागढ़ में आयोजित सहकारिता मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने 85.14 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिनमें 23.16 करोड़ रुपये के शिलान्यास और 61.98 करोड़ रुपये के लोकार्पण कार्य शामिल हैं।

कार्यक्रम स्थल देव सिंह मैदान पहुंचने पर जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई और पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री को पुलिस जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर सहकारिता मेले का उद्घाटन किया और विभागीय संस्थाओं के स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने 28 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया तथा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक वितरण किया गया। विद्यालय के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समां बांध दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि आज जिन योजनाओं का शुभारंभ हुआ है, वे पिथौरागढ़ के सर्वांगीण विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने कहा कि भारत में सहकारिता की परंपरा प्राचीन है और यही “सहकार से समृद्धि” का आधार है। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2025 को “अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष” घोषित किया है, जिससे वैश्विक सहयोग और सतत विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में सहकारिता आंदोलन को सशक्त बनाने के लिए सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की। गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में यह मंत्रालय अब किसानों, उद्यमियों और समितियों के लिए एक नया ढांचा तैयार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड इस दिशा में अग्रणी राज्य है —
- राज्य की सभी 671 सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूरा हो चुका है।
- 24 समितियां जन औषधि केंद्र के रूप में कार्य कर रही हैं।
- 640 समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के रूप में विकसित किया गया है।
- 3838 समितियों का डेटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर अपलोड किया जा चुका है।
- फरवरी 2023 से अब तक 800 नई पैक्स, 248 डेयरी समितियाँ और 116 मत्स्य समितियां गठित की गई हैं।
उन्होंने कहा कि “दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना” के तहत किसानों और स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। साथ ही लघु एवं सीमांत किसानों को 1 लाख तक का ब्याजमुक्त फसली ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सहकारी बैंकों में अब 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की जमापूंजी है। सहकारी समितियां न केवल किसानों को आर्थिक आधार दे रही हैं, बल्कि महिला उद्यमिता को भी नई पहचान मिल रही है। राज्य की 1.70 लाख से अधिक “लखपति दीदी” महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बनी हैं।
पिथौरागढ़ के विकास कार्यों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में 750 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज, 34 करोड़ के स्पोर्ट्स कॉलेज मल्टीपर्पज हॉल, और बेरीनाग में भव्य स्टेडियम का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही अस्कोट, धारचूला और गंगोलीहाट में नए बस स्टेशन, रोडवेज वर्कशॉप, और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 327 करोड़ की सड़कों का कार्य तेज़ी से चल रहा है। पिथौरागढ़ को अब हल्द्वानी, देहरादून और दिल्ली से हवाई सेवा से जोड़ा गया है और 450 करोड़ की लागत से हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण का कार्य भी शीघ्र शुरू होगा।
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि जिला प्रशासन राज्य सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा, विधायक बिशन सिंह चुफाल, मेयर कल्पना देवलाल, जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद, भाजपा जिलाध्यक्ष गिरीश जोशी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
