देहरादून में जिला पूर्ति विभाग ने अपात्र राशन कार्ड धारकों के खिलाफ जांच शुरू की। PHOTO CREDIT - X
देहरादून। देहरादून जिले में पूर्ति विभाग ने अपात्र राशन कार्ड धारकों पर सख्त रुख अपनाया है। जिन लोगों ने गलत जानकारी देकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया है, अब उन्हें अपना कार्ड स्वेच्छा से विभाग को सौंपना होगा। ऐसा न करने वालों पर कार्रवाई तय है। जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) के.के. अग्रवाल ने बताया कि अब तक करीब 3600 राशन कार्ड रद्द किए जा चुके हैं, जो जांच में अपात्र पाए गए थे।

पात्रता के लिए तय आय सीमा
डीएसओ अग्रवाल के अनुसार —

- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत वार्षिक आय सीमा 1.8 लाख रुपये तय की गई है।
- वहीं राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के लिए पात्रता सीमा 5 लाख रुपये वार्षिक निर्धारित है।
यदि किसी परिवार की आय इन सीमाओं से अधिक है, तो वह राशन कार्ड का लाभ लेने के लिए अयोग्य माना जाएगा।
कार्ड कहां और कैसे जमा करें
- ग्रामीण क्षेत्रों में अपात्र लाभार्थियों को अपने राशन कार्ड ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को सौंपने होंगे।
- शहरी क्षेत्रों के लोग अपने डीएसओ कार्यालय (जिला पूर्ति कार्यालय) में कार्ड जमा कर सकते हैं।
यदि निर्धारित समय में कार्ड वापस नहीं किए गए, तो विभाग कानूनी कार्रवाई शुरू करेगा।
जांच अभियान जारी
पूर्ति विभाग की टीमों ने ब्लॉक स्तर पर सर्वे शुरू कर दिया है। हर ब्लॉक में ऐसे लोगों की सूची तैयार की जा रही है जो उच्च आय वर्ग में आते हैं लेकिन अभी भी सब्सिडी वाले राशन का लाभ उठा रहे हैं। विभाग का लक्ष्य है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक पात्र परिवारों तक ही पहुंचे।
विभाग की अपील
डीएसओ ने जनता से अपील की है कि जो भी परिवार खुद को पात्रता मानकों से बाहर पाते हैं, वे स्वयं अपने कार्ड विभाग को सौंप दें। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि अन्य जरूरतमंद परिवारों को भी लाभ मिल सकेगा।
