उत्तराखंड सरकार ने राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने पर बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर “ग्रीन सेस” लागू करने की घोषणा की। (Photo Credit X)
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में कैबिनेट ने “ग्रीन सेस” (Green Cess) लागू करने का निर्णय लिया है। यह सेस अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों पर लगाया जाएगा, जिससे राज्य की पर्यावरणीय स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

सरकार का कहना है कि इस ग्रीन सेस से प्राप्त धनराशि का उपयोग वायु प्रदूषण नियंत्रण, हरित अवसंरचना के विकास, और स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन सिस्टम में किया जाएगा। यह कदम न सिर्फ राज्य के पर्यावरण को संरक्षित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि पर्यटन और ट्रैफिक व्यवस्था को भी आधुनिक बनाने में मदद करेगा।
राज्य गठन के 25 साल और हरित प्रतिबद्धता

उत्तराखंड अपनी रजत जयंती (Silver Jubilee) मना रहा है। राज्य सरकार चाहती है कि यह वर्ष केवल उत्सव का नहीं, बल्कि पर्यावरणीय जिम्मेदारी निभाने का भी प्रतीक बने। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि “ग्रीन सेस” का उद्देश्य किसी पर बोझ डालना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ वातावरण तैयार करना है।
किन वाहनों पर लगेगा ग्रीन सेस?
ग्रीन सेस मुख्य रूप से बाहरी राज्यों के वाहनों से वसूला जाएगा, जो पर्यटन या वाणिज्यिक उद्देश्यों से उत्तराखंड में प्रवेश करते हैं। इससे राज्य के अंदर आने वाले वाहनों की संख्या को नियंत्रित करने, ट्रैफिक दबाव को कम करने और कार्बन उत्सर्जन पर नियंत्रण करने में मदद मिलेगी।
सेस से जुटेगा फंड, होगा हरित विकास
ग्रीन सेस से मिलने वाले राजस्व का उपयोग निम्न क्षेत्रों में किया जाएगा:
- स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम विकसित करने में
- सोलर लाइटिंग, ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन, और ग्रीन पार्किंग जैसी परियोजनाओं में
- वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों को आधुनिक बनाने में
- पेड़ लगाने और हरित क्षेत्र बढ़ाने के अभियानों में
धामी सरकार का पर्यावरण विजन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड प्रकृति का राज्य है और पर्यावरण संरक्षण हमारी प्राथमिकता है। ग्रीन सेस से हम आने वाले वर्षों में राज्य को ग्रीन मॉडल स्टेट बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि इस कदम से राज्य के इको-टूरिज्म को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
