उत्तराखंड के 25 वर्ष पूरे होने पर 1 से 10 नवंबर तक प्रदेशभर में रजत जयंती पर्व के तहत विविध सांस्कृतिक और विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
देहरादून। उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर इस बार प्रदेश में 1 नवंबर से 10 नवंबर तक रजत जयंती पर्व के रूप में भव्य आयोजन किए जाएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेशभर में इस विशेष अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।

अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने बताया कि राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने पर इस वर्ष का राज्य स्थापना दिवस विशेष रूप से रजत जयंती पर्व के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान संस्कृतिक कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएं, प्रदर्शनियां और विकास संवाद सत्र जैसे कई आयोजन किए जाएंगे।
हर जिले में विशेष आयोजन

प्रदेश के सभी जिलों में स्थापना दिवस के दौरान स्थानीय कलाकारों और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। स्कूल-कॉलेजों में निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद, चित्रकला जैसे कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।
राज्य विकास पर विशेष सत्र
रजत जयंती पर्व के तहत एक विशेष सत्र (Special Session) भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें राज्य के विकास के रोडमैप और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा होगी। इस सत्र में राज्य के वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ और समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। अपर सचिव तिवारी ने कहा कि यह पर्व सिर्फ उत्सव नहीं बल्कि राज्य निर्माण के मूल उद्देश्यों को दोहराने का अवसर भी है। इस आयोजन के जरिए सरकार उत्तराखंड के गौरवशाली 25 वर्षों की उपलब्धियों को जनता के साथ साझा करेगी।
