23 अक्टूबर की सुबह वैदिक परंपराओं के अनुसार श्री केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे।
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम के कपाट कल 23 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। परंपरा के अनुसार कपाट बंद होने की प्रक्रिया प्रातः 4 बजे विशेष पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रारंभ होगी। इसके बाद प्रातः 8:30 बजे कपाट विधिवत रूप से बंद किए जाएंगे।

कपाट बंद होने के उपरांत बाबा केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली यात्रा धाम से ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ के लिए प्रस्थान करेगी। यात्रा का पहला पड़ाव रामपुर और दूसरा पड़ाव गुप्तकाशी रहेगा। ऊखीमठ पहुंचने पर बाबा की डोली का भव्य स्वागत किया जाएगा।
शीतकाल में ऊखीमठ में होगी पूजा-अर्चना

कपाट बंद होने के बाद पूरे शीतकालीन अवधि में बाबा केदारनाथ जी की पूजा-अर्चना ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में नियमित रूप से सम्पन्न की जाएगी। यहीं शीतकाल में बाबा की पूजा और दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं।
17 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
चारधाम यात्रा 2025 में इस वर्ष अब तक लगभग 17.39 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया है। तीर्थयात्रियों की भारी आमद ने इस वर्ष रिकॉर्ड तोड़ दिए।
