खनन में पारदर्शिता और सख्त निगरानी की बदौलत उत्तराखंड को केंद्र सरकार से 100 करोड़ की प्रोत्साहन राशि मिली।
देहरादून। उत्तराखंड ने खनन क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार द्वारा जारी “राज्य खनन तत्परता सूचकांक (State Mining Readiness Index – SMRI)” में राज्य को श्रेणी C में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उत्तराखंड को 100 करोड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

खनन मंत्रालय ने शुक्रवार को SMRI रैंकिंग का ऐलान किया। इस रैंकिंग के तहत राज्यों को उनकी खनिज संपदा और खनन प्रबंधन के आधार पर तीन श्रेणियों — A, B और C में बांटा गया है। श्रेणी C में पंजाब पहले, उत्तराखंड दूसरे और त्रिपुरा तीसरे स्थान पर रहा।
SMRI योजना का उद्देश्य राज्यों को खनन क्षेत्र में पारदर्शी नीतियों, डिजिटल निगरानी, राजस्व वृद्धि और अवैध खनन पर लगाम लगाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना को अब वित्त मंत्रालय की SASCI योजना (Special Assistance Scheme for Capital Investment) से जोड़ा गया है। कुल 5000 करोड़ की राशि में से 900 करोड़ उन राज्यों के लिए आरक्षित है जिन्होंने SMRI रैंकिंग में शीर्ष तीन स्थान हासिल किए हैं।

उत्तराखंड को इस प्रदर्शन के लिए ₹100 करोड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि राज्य में खनन से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, निगरानी सिस्टम को और सशक्त बनाने तथा पर्यावरण के अनुकूल खनन को बढ़ावा देने में इस्तेमाल की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि पर कहा कि प्रदेश के राजस्व में खनन का अहम योगदान है। हमने वैधानिक और पर्यावरण के अनुकूल खनन को प्राथमिकता दी है। अवैध खनन और कर चोरी पर सख्ती इसका नतीजा है कि आज उत्तराखंड को केंद्र सरकार की रैंकिंग में यह गौरव हासिल हुआ है।
SMRI रैंकिंग के तहत खनन पट्टा स्वीकृति, ई-निविदा प्रक्रिया, पर्यावरणीय अनुमति, अवैध खनन पर निगरानी, राजस्व वृद्धि और डिजिटल डेटा प्रबंधन जैसे बिंदुओं पर राज्यों को अंक दिए गए थे। उत्तराखंड ने इन सभी मोर्चों पर बेहतरीन प्रदर्शन किया।
