गुजरात में पूरे मंत्रिमंडल के इस्तीफों के बाद उत्तराखंड में भी हलचल तेज, सीएम धामी कल दिल्ली जाएंगे।
देहरादून। गुजरात की राजनीति में आए बड़े उलटफेर ने उत्तराखंड में भी सियासी हलचल तेज कर दी है। गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को छोड़कर पूरे मंत्रिमंडल ने इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद नए सिरे से मंत्रिमंडल गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या यही फॉर्मूला उत्तराखंड में भी लागू हो सकता है?

उत्तराखंड में भी राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं क्योंकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कल यानी शुक्रवार को दिल्ली दौरे पर जा रहे हैं। माना जा रहा है कि उनका यह दौरा सिर्फ औपचारिक नहीं बल्कि बड़े सियासी बदलावों का संकेत हो सकता है।
“गुजरात मॉडल” का असर क्या उत्तराखंड पर पड़ेगा?

गुजरात बीजेपी में अचानक आए इस फैसले के बाद अब चर्चा तेज हो गई है कि पार्टी आने वाले लोकसभा चुनावों और भविष्य की रणनीति के तहत कुछ राज्यों में बड़े बदलाव कर सकती है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि “गुजरात मॉडल” उत्तराखंड में भी लागू हो सकता है, यानी सीएम को बरकरार रखते हुए पूरा मंत्रिमंडल बदला जा सकता है।
मंत्रिमंडल विस्तार या बड़ा फेरबदल?
उत्तराखंड में लंबे समय से मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की अटकलें लग रही हैं। कई विधायकों को मंत्रिपद की उम्मीद है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों के प्रदर्शन पर सवाल भी उठ रहे हैं। अब गुजरात में हुए घटनाक्रम के बाद यह कयास और मजबूत हो गए हैं कि कुछ चेहरों की कुर्सी हिल सकती है।
बीजेपी के अंदर बढ़ी बेचैनी
गुजरात में हुए इस्तीफों के बाद उत्तराखंड के विधायकों और मंत्रियों में भी बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। सूत्रों के मुताबिक, कई नेताओं ने दिल्ली में अपने सूत्रों से संपर्क भी साधा है। पार्टी नेतृत्व मिशन 2027 की तैयारी में है और ऐसे में परफॉर्मेंस आधारित फेरबदल की पूरी संभावना जताई जा रही है।
धामी के दिल्ली दौरे पर सबकी निगाहें
सीएम धामी के कल होने वाले दिल्ली दौरे को लेकर सियासी गलियारों में हलचल और तेज हो गई है। माना जा रहा है कि वह पार्टी हाईकमान से मुलाकात कर मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में बदलाव को लेकर चर्चा कर सकते हैं। हालांकि सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
