औषधि विभाग की टीम ने उत्तराखंड के कई जिलों में मेडिकल स्टोर्स पर औचक छापेमारी की।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के बाद स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन) डॉ. आर. राजेश कुमार के आदेश पर राज्यभर में औषधि विभाग द्वारा घटिया और प्रतिबंधित दवाओं के खिलाफ बड़ा औचक निरीक्षण अभियान शुरू किया गया है। इस पूरे अभियान की निगरानी अपर आयुक्त (एफडीए) और ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी कर रहे हैं। अब तक प्रदेश के विभिन्न जिलों से 370 से अधिक दवाओं के सैंपल जांच के लिए संकलित किए जा चुके हैं।

रामनगर में मेडिकल स्टोर सील
14 अक्टूबर को जनपद नैनीताल के रामनगर खताड़ी क्षेत्र में औषधि निरीक्षक टीम ने औचक जांच की। बच्चों में प्रयुक्त खांसी की दवाओं की गुणवत्ता जांच के दौरान एक मेडिकल स्टोर में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। कार्रवाई के तहत एक मेडिकल स्टोर को तत्काल बंद कराया गया। इसके अलावा दो स्टोरों को दिशा-निर्देश दिए गए और दो स्टोर मौके पर बंद पाए गए। टीम ने एक क्लीनिक से 5 दवाओं के नमूने भी जांच के लिए एकत्र किए। सभी प्रतिष्ठानों को सख्ती से औषधि अधिनियम के प्रावधानों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

देहरादून में मेडिकल स्टोर्स पर औचक छापा
देहरादून में औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा की टीम ने दून मेडिकल कॉलेज के पास मेडिकल स्टोर्स और थोक विक्रेताओं पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बच्चों के लिए इस्तेमाल होने वाली प्रतिबंधित खांसी और सर्दी-जुकाम की दवाएं अलग रखी पाई गईं। टीम ने मौके पर इन दवाओं को सील कर विक्रय पर रोक लगा दी। साथ ही सेलाकुई की दवा निर्माण इकाइयों का भी निरीक्षण किया गया और चार नमूने जांच के लिए लिए गए।
रुड़की में सरकारी दवाएं जब्त
हरिद्वार जिले के रुड़की क्षेत्र में औषधि निरीक्षक हरीश सिंह और मेघा की टीम ने गुप्त सूचना पर ग्राम सलीयर में एम/एस फलख नाज़ पर छापा मारा। टीम को वहां बिना लाइसेंस के सरकारी दवाओं का अवैध भंडारण और बिक्री मिल गई। मौके से 12 प्रकार की एलोपैथिक दवाएं बरामद की गईं, जिनमें राजस्थान और मध्यप्रदेश सरकार की सप्लाई की गई दवाएं भी शामिल थीं। सभी दवाएं सील कर फार्म 17–17ए के तहत नमूने जांच को भेजे गए। आगे की कार्रवाई Drugs and Cosmetics Act, 1940 के तहत की जाएगी।
अभियान में शामिल अधिकारी
- ताजबर सिंह जग्गी – अपर आयुक्त (एफडीए) एवं ड्रग कंट्रोलर
- मीनाक्षी बिष्ट – वरिष्ठ औषधि निरीक्षक, नैनीताल
- नीरज कुमार – वरिष्ठ औषधि निरीक्षक, ऊधमसिंहनगर
- अर्चना – औषधि निरीक्षक, नैनीताल
- निधि शर्मा व शुभम कोटनाला – औषधि निरीक्षक, ऊधमसिंहनगर
- मानेंद्र सिंह राणा – औषधि निरीक्षक, देहरादून
- हरीश सिंह एवं मेघा – औषधि निरीक्षक, हरिद्वार
सरकार की चेतावनी
औषधि विभाग ने साफ किया है कि निम्न गुणवत्ता की दवाएं बेचने वाले प्रतिष्ठानों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी दवाओं पर विशेष नजर रखी जा रही है।
