श्रीनगर में आयोजित सहकारिता मेले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिलाओं के समूहों को वित्तीय सहायता चेक वितरित किए।
श्रीनगर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को आवास विकास मैदान, श्रीनगर में आयोजित भव्य सहकारिता मेले में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों, समूहों और संस्थाओं द्वारा लगाए गए स्थानीय उत्पादों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और काश्तकारों एवं स्वयं सहायता समूहों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता आंदोलन ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण का मजबूत स्तंभ है। उन्होंने कहा कि सहकारिता समाज को जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम है। इस मेला से महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित और बेचने के लिए एक बड़ा मंच मिलेगा।
उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति में सहकारिता की गहरी जड़ें हैं,“वसुधैव कुटुम्बकम” की भावना इसी सहयोग की मिसाल है। वर्ष 2025 को विश्व सहकारिता वर्ष घोषित किया गया है और केंद्र सरकार ने सहकारी क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए अलग सहकारिता मंत्रालय बनाया है।

डिजिटलाइजेशन से सहकारिता को ताकत
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 671 सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूरा हो चुका है। 13 जिलों की 5,511 समितियों में से 3,838 समितियों के रिकॉर्ड को राष्ट्रीय सहकारी पोर्टल पर ऑनलाइन कर दिया गया है। इससे पारदर्शिता और काम की गति बढ़ी है।
उन्होंने बताया कि मंडुवा की खरीद दर में 5.50 प्रति किलो की बढ़ोतरी कर अब 48.86 प्रति किलो का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है। किसानों को पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना के तहत 3 लाख तक और महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है।
‘लखपति दीदी’ अभियान से बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के जरिये राज्य की महिलाएं आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा” के विजन को “लखपति दीदी अभियान” नई गति दे रहा है। श्रीनगर में सीवर लाइन और पेयजल आपूर्ति की डीपीआर को जल्द मंजूरी देने का भी आश्वासन दिया गया। इसके बाद नगर में 15 घंटे तक निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
महिला समूहों को आर्थिक संबल
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने विभिन्न स्वयं सहायता समूहों और सहकारी समितियों को लाखों रुपये के वित्तीय चेक वितरित किए—
- शक्ति स्वयं सहायता समूह पाबौ को बागवानी हेतु 5 लाख
- उड़ान स्वयं सहायता समूह पाबौ को मुर्गीपालन हेतु 5 लाख
- सवेरा स्वयं सहायता समूह पलिगांव पाबौ को दोना-पत्तल निर्माण हेतु 5 लाख
- महादेव स्वयं सहायता समूह पैठाणी को मुर्गीपालन हेतु 5 लाख
- जयहरीखाल के मालन स्वयं सहायता समूह को बद्री गाय पालन हेतु 5 लाख
वहीं, वसुंधरा स्वायत्त सहकारिता पसीना और जय भोलेनाथ स्वायत्त सहकारिता कंडेरी को कृषि यंत्रों के लिए 4-4 लाख की सहायता दी गई। गुच्छी उत्पादन तकनीक में नवाचार के लिए नवीन पटवाल को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में रहे मौजूद
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक पौड़ी राजकुमार पोरी, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, डीएम स्वाति एस. भदौरिया, एसएसपी लोकेश्वर सिंह समेत सहकारिता से जुड़े सैकड़ों लोग और अधिकारी उपस्थित रहे।
