चमोली जिले में स्थित श्री हेमकुंड साहिब में 10 अक्टूबर को कपाट बंद होंगे, ट्रस्ट और प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है
चमोली। उत्तराखंड के सीमांत जनपद चमोली में समुद्रतल से लगभग 15,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल श्री हेमकुंड साहिब के कपाट आगामी 10 अक्टूबर 2025 को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। हेमकुंड साहिब में इस वर्ष अब तक 2 लाख 68 हजार 208 से अधिक श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं।

25 मई को खुले थे कपाट
इस वर्ष हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई 2025 को श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। चार माह की इस यात्रा अवधि में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु हेमकुंड पहुंचे। बर्फ से घिरे इस आध्यात्मिक स्थल की यात्रा हर साल सीमित अवधि के लिए होती है क्योंकि सर्दियों में यहां का तापमान शून्य से नीचे चला जाता है और पूरा क्षेत्र बर्फ से ढक जाता है।

कपाट बंद होने की तैयारियां तेज
हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा ट्रस्ट, जिला प्रशासन और सेना ने कपाट बंद होने की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। ट्रस्ट के प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि 10 अक्टूबर को कपाट बंद होने के अवसर पर सेना और पंजाब का विशेष बैंड भी मौजूद रहेगा। श्रद्धालु इस दिन सुबह से ही गुरुद्वारे में विशेष अरदास और कीर्तन में शामिल होंगे।
बर्फबारी से बढ़ी ठंड, यात्रा अंतिम चरण में
इन दिनों हेमकुंड घाटी में बर्फबारी शुरू हो गई है, जिससे मौसम में ठंडक बढ़ गई है। यात्रा अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है और सीमित संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने मौसम की स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षा और सावधानी बरतने की सलाह दी है।
प्रकृति और श्रद्धा का अद्भुत संगम
बर्फ से ढके हिमालय की गोद में स्थित श्री हेमकुंड साहिब न केवल सिखों का पवित्र तीर्थ स्थल है, बल्कि यह प्रकृति, अध्यात्म और आस्था का अद्भुत संगम भी है। गुरु गोविंद सिंह जी की तपोस्थली माने जाने वाले इस स्थान की यात्रा हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है।
