आईपीएस नीलेश आनंद ने NCRB 2023 रिपोर्ट में उत्तराखण्ड में अपराध नियंत्रण और सुरक्षा स्थिति साझा की
देहरादून। उत्तराखण्ड के आईपीएस अधिकारी नीलेश आनंद ने आज NCRB 2023 रिपोर्ट को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की स्थिति साझा की। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में कई सकारात्मक संकेत हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में बढ़ती चुनौतियाँ भी दिखाई दे रही हैं।

महिला अपराध और लापता बच्चों में सुधार
- महिला अपराध: राज्य में महिला संबंधी अपराधों में 12% की कमी दर्ज हुई। आईपीएस नीलेश आनंद ने इसे पुलिस की सघन कार्रवाई और समुदायिक जागरूकता अभियानों का परिणाम बताया।
- लापता बच्चे: वर्तमान में केवल 15 बच्चे गुमशुदा हैं। 2023 में कुल 1,025 बच्चे लापता हुए थे, जिनमें से 933 को उसी वर्ष बरामद कर लिया गया।
- पॉक्सो एक्ट: बच्चों और युवाओं की सुरक्षा के लिहाज से 3% की कमी दर्ज की गई।
कानून-व्यवस्था और साइबर क्राइम

- आर्म्स एक्ट: उत्तराखण्ड ने आर्म्स रिकवरी के प्रदर्शन में देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया।
- साइबर क्राइम: राज्य का साइबर क्राइम रेट राष्ट्रीय औसत से कम है। लंबित मामलों की राष्ट्रीय पेंडेंसी औसत 62.4% है, जबकि उत्तराखण्ड में यह 45.9% है।
नशीले पदार्थों और ड्रग्स का बढ़ता खतरा
- एनडीपीएस मामलों में सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी बढ़ रही है।
- कॉलेज और स्कूलों के आसपास क्षेत्र नए ड्रग हॉटस्पॉट बन रहे हैं।
- नशीली टैबलेट्स की बड़ी रिकवरी से इनके उपयोग में वृद्धि का संकेत मिलता है।
आईपीएस नीलेश आनंद ने कहा कि प्रशासन, शिक्षा संस्थान और पुलिस को मिलकर सख्त निगरानी और रोकथाम के कदम तेज करने होंगे। उन्होंने आम जनता से भी सहयोग और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने का आग्रह किया।
