बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में सीजन की पहली बर्फबारी से चारों ओर सफेद चादर बिछ गई, जिससे धाम का दृश्य अलौकिक हो गया।
देहरादून। उत्तराखंड में अक्टूबर के पहले हफ्ते में ही पहाड़ों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। सोमवार को केदारनाथ धाम, बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई। मौसम के बदलते मिजाज के चलते तापमान में तेजी से गिरावट आई है और ठंड बढ़ गई है।

केदारनाथ धाम में शुरू हुई बर्फबारी
केदारनाथ धाम में मंगलवार सुबह से ही हल्की बर्फबारी का दौर शुरू हो गया। बर्फबारी के बाद मंदिर परिसर और आसपास की चोटियाँ सफेद बर्फ से ढक गईं। ठंडी हवाओं के साथ तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। श्रद्धालुओं ने बर्फबारी के बीच बाबा केदार के दर्शन किए और इस अद्भुत नज़ारे को अपने कैमरों में कैद किया।

बदरीनाथ धाम में छाई बर्फीली रौनक
बदरीनाथ धाम में हुई हल्की से मध्यम बर्फबारी के बाद पूरा मंदिर परिसर और आसपास की पहाड़ियां सफेद बर्फ से ढक गईं। श्रद्धालुओं और यात्रियों ने इस दृश्य को अपने कैमरों में कैद किया। मंदिर क्षेत्र में बर्फबारी के बीच ‘जय बदरी विशाल’ के जयकारे गूंज उठे।
हेमकुंड साहिब में भी जमी बर्फ की परत
10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब में भी बर्फबारी का दौर शुरू हुआ। यहां आसपास के ग्लेशियर और झीलें बर्फ की परत से ढक गईं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।
तापमान में गिरावट, निचले इलाकों में बढ़ी ठंड
गोपेश्वर, जोशीमठ और आसपास के क्षेत्रों में भी ठंडी हवाओं ने दस्तक दी है। स्थानीय लोगों ने कहा कि सीजन की पहली बर्फबारी के बाद अब सर्दियों की शुरुआत महसूस हो रही है। वहीं पर्यटकों में भी बर्फबारी देखने को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
प्रशासन ने जारी की यात्रा सलाह
चमोली जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा करें। फिलहाल बदरीनाथ मार्ग पर हल्की फिसलन की सूचना है, इसलिए वाहनों को सावधानीपूर्वक चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
