ऋषिकेश नगर निगम की बैठक में प्रस्तावों पर काम न होने से पार्षद भड़के, सदन में कागज उछाले।
ऋषिकेश। ऋषिकेश नगर निगम की बोर्ड बैठक में शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। शहर के विकास कार्यों की धीमी रफ्तार पर नाराज पार्षदों ने सदन में शोर-शराबा करते हुए एजेंडे की कॉपी फाड़ डाली और कागज उछाले। सुबह 11 बजे शुरू हुई बैठक रात करीब 9 बजे तक चली, लेकिन माहौल कई बार गर्माता रहा।

90 फीसदी प्रस्तावों पर काम नहीं हुआ
बैठक के दौरान नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने पिछली बैठक में पारित प्रस्तावों की स्थिति बताई। उन्होंने जानकारी दी कि वार्ड नंबर-1 में रखे गए 8 प्रस्तावों में से सिर्फ 2 पर ही काम हो पाया है। यही हाल अन्य वार्डों का भी रहा। इस पर पार्षदों का गुस्सा फूट पड़ा।

पार्षद चेतन चौहान का विरोध
जब समीक्षा वार्ड नंबर-5 आदर्शग्राम पर पहुंची तो क्षेत्रीय पार्षद चेतन चौहान खड़े हो गए और कहा कि जब पिछले प्रस्तावों पर कोई काम नहीं हुआ तो इस बैठक का क्या औचित्य है? उन्होंने सदन में ही एजेंडे की कॉपी फाड़कर कागज उछाल दिए। इसके बाद कई अन्य पार्षद भी खड़े हो गए और हंगामा बढ़ गया।
मेयर की टिप्पणी से और भड़के पार्षद
मामला कुछ शांत हुआ ही था कि मेयर शंभू पासवान ने विकास कार्यों और विरोध को लेकर तीखी टिप्पणी कर दी। उनकी इस बात पर पार्षद फिर भड़क उठे और कड़ा ऐतराज जताया। करीब 15 मिनट तक सदन में गहमागहमी बनी रही।
नगर आयुक्त का भरोसा
विवाद शांत होने के बाद नगर आयुक्त ने पार्षदों को भरोसा दिलाया कि उनके प्रस्तावों पर एक महीने के भीतर सकारात्मक नतीजे दिखाई देंगे। वहीं, मेयर शंभू पासवान ने माहौल को सहज करने की कोशिश करते हुए कहा कि जब परिवार बड़ा होता है तो परिजन इस तरह नाराजगी व्यक्त करते हैं।
