पत्रकार राजीव प्रताप की संदिग्ध मौत पर विपक्ष का दबाव, यशपाल आर्य ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख CBI जांच की मांग की।
उत्तरकाशी। उत्तरकाशी के युवा पत्रकार राजीव प्रताप का शव 28 सितंबर को जोशियाड़ा बैराज के पास बरामद हुआ। वे 18 सितंबर की रात से लापता थे। इस घटना ने प्रदेशभर में सनसनी फैला दी।

परिवार और विपक्ष की मांग – CBI जांच हो
पत्रकार के परिवार का आरोप है कि राजीव प्रताप ने हाल ही में सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे खुलासे किए थे जिनमें भ्रष्टाचार और सरकारी लापरवाही को उजागर किया गया था। इन खुलासों के चलते उन्हें धमकियां भी मिल रही थीं। अब उनकी मौत के बाद परिवार लगातार CBI जांच की मांग कर रहा है।


नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी इसी मांग को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है और कहा है कि राजीव प्रताप की संदिग्ध मौत यह साबित करती है कि ईमानदार और निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं।
पारदर्शी जांच की दरकार
यशपाल आर्य ने पत्र में कहा है कि इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच जरूरी है ताकि मृतक पत्रकार के परिवार को न्याय मिल सके। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि परिवार की मांग को मानते हुए मामले की जांच CBI से कराई जाए।
