पत्रकार राजीव प्रताप की मौत के बाद इंसाफ की गुहार – CBI जांच की मांग तेज
उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले से आई खबर ने पूरे प्रदेश को हिला दिया है। पत्रकार राजीव प्रताप का शव मिलने के बाद उनकी मौत को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। राजीव प्रताप उन गिने-चुने पत्रकारों में से थे जो अपने कैमरे से समाज और व्यवस्था की हकीकत सामने लाते थे।

पत्नी की गुहार – “मेरे पति का कसूर क्या था?”
राजीव प्रताप की पत्नी लगातार गुहार लगा रही हैं। उनका कहना है कि उनके पति सिर्फ सच दिखा रहे थे, फिर भी उन्हें जान से हाथ धोना पड़ा। पत्नी ने यह भी खुलासा किया कि राजीव प्रताप ने हाल ही में कुछ ऐसे वीडियो बनाए थे जिनमें भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की असलियत सामने आ रही थी। यही वीडियो उनकी जान पर भारी पड़ सकते हैं।

क्यों उठ रही है CBI जांच की मांग?
स्थानीय स्तर पर हो रही जांच से संतुष्ट न होकर अब परिवार और आम जनता CBI जांच की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस मामले में निष्पक्ष और गहराई से जांच तभी संभव है जब इसे CBI को सौंपा जाए।
“सवालों से घिरी मौत”
- क्या पत्रकार की मौत एक हादसा है या किसी साजिश का नतीजा?
- क्या भ्रष्टाचार के खिलाफ बनाई गई वीडियो ही उनकी जान की दुश्मन बनी?
- आखिर क्यों एक सच्चाई दिखाने वाले पत्रकार को चुप करा दिया गया?
न्याय की उम्मीद
प्रदेशभर में “जस्टिस फॉर राजीव प्रताप” की आवाज उठ रही है। लोग सोशल मीडिया पर कैंपेन चला रहे हैं और सरकार से मांग कर रहे हैं कि इस मामले में सच्चाई सामने लाई जाए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
