खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान पनीर में मिलावट का खुलासा किया।
देहरादून। उत्तराखण्ड में त्योहारी सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने प्रदेशभर में मिलावटखोरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि आम जनता को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि मिलावटखोरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर छापेमारी
कुमाऊं मण्डल के नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चम्पावत जिलों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया।

- लगभग 200 खाद्य नमूने जांच हेतु लिए गए।
- 252 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
- 100 किलो से अधिक नकली खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट की गई।
- दोषियों पर विधिक कार्रवाई की गई।
- 180 खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया।
गढ़वाल मंडल में सख्त कार्रवाई
27 सितंबर को गढ़वाल मंडल के कई जिलों में निरीक्षण किए गए:
- उत्तरकाशी: 8 निरीक्षण, 2 नमूने
- टिहरी: 2 निरीक्षण
- रुद्रप्रयाग: 3 निरीक्षण
- चमोली: 4 निरीक्षण
- देहरादून: 3 निरीक्षण, 2 नमूने
- हरिद्वार: 2 निरीक्षण
- पौड़ी: 3 निरीक्षण
- श्रीनगर: 18 निरीक्षण, 11 नमूने (सबसे बड़ी कार्रवाई)
- नैनीताल (गढ़वाल सीमा): 2 नमूने
नकली पनीर बनाने का खुलासा
भगवानपुर ब्लॉक के नन्हेड़ा अनंतपुर गांव में छापेमारी के दौरान खाद्य कारोबारी आलिम ने स्वीकार किया कि वह मिल्क पाउडर और वनस्पति तेल से पनीर तैयार कर रहा था और उसे एसिड से जमाता था, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक है।
- मौके से पनीर और दूध के 3 नमूने जांच हेतु भेजे गए।
- प्रतिष्ठान पर विधिक कार्रवाई जारी है।
छापेमारी में शामिल अधिकारी
इस कार्रवाई का नेतृत्व उपायुक्त गढ़वाल मंडल श्री राजेन्द्र सिंह रावत ने किया। उनके साथ अभिहित अधिकारी महिमानंद जोशी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेन्द्र पांडे, खाद्य सुरक्षा अधिकारी पवन कुमार और पुलिस बल मौजूद रहे।
