उत्तराखंड में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू करने की तैयारी
देहरादून। भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) के निर्देशों पर अब उत्तराखंड में भी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) शुरू होने जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट और पारदर्शी बनाने का काम किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने की बैठक
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी. वी. पुरुषोत्तम ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि वे इस पुनरीक्षण को गंभीरता से लें। उन्होंने 11733 पोलिंग बूथों पर एक-एक बीएलओ (BLO) नियुक्त करने को कहा है। अभी तक निर्वाचन विभाग को 2744 बीएलओ के नाम ही मिल पाए हैं।

नाम दर्ज और डुप्लीकेट हटाने की प्रक्रिया
राज्य की 70 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं को अब खुद अपने नाम मतदाता सूची में जांचने होंगे। अगर नाम दर्ज नहीं है तो जरूरी दस्तावेज जमा कर नए सिरे से पंजीकरण कराना होगा। वहीं, यदि किसी का नाम दो जगह दर्ज है तो उसे हटवाना अनिवार्य होगा।
संविधान के अनुच्छेद के तहत मिलती है अनुमति
मतदाता सूची के इस विशेष पुनरीक्षण की अनुमति निर्वाचन आयोग को अनुच्छेद 324 और 1950 की धारा 21 के तहत प्राप्त है।
गड़बड़ी रोकने के प्रयास
राज्य में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज थे। कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र में भी ऐसे उदाहरण मिले थे। इस पुनरीक्षण से ऐसी गड़बड़ियों को खत्म करने का प्रयास किया जाएगा।
मत प्रतिशत बढ़ाने की उम्मीद
निर्वाचन आयोग का मानना है कि देशभर में इस प्रक्रिया के चलते लगभग 10 करोड़ मतदाताओं के डुप्लीकेट नाम हटाए जाएंगे, जिससे भविष्य में चुनावों में मत प्रतिशत बढ़ने की संभावना है।
