धूलिकोट में मिली गुफा, जो नवपाषाण और ताम्रपाषाण काल से जुड़ी हो सकती है
अल्मोड़ा। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में पुरातत्वविदों ने एक 10-12 मीटर ऊँची गुफा की खोज की है, जो जिला मुख्यालय से लगभग 22 किलोमीटर दूर धूलिकोट क्षेत्र में स्थित है।

नवपाषाण और ताम्रपाषाण काल से जुड़ी खोज
विशेषज्ञों का कहना है कि यह गुफा नवपाषाण काल (Neolithic) से लेकर ताम्रपाषाण काल (Chalcolithic) यानी लगभग 4000-2000 ईसा पूर्व तक मानव बस्तियों के अस्तित्व का सबूत हो सकती है। गुफा में तीन गारे जैसी आकृतियाँ मिली हैं, जो उस समय के मानव जीवन और उनकी गतिविधियों की झलक दिखाती हैं।

पर्यटन की नई संभावना
धूलिकोट में पहले भी इस तरह के शैलाश्रय स्थल मिले हैं, लेकिन यह नई खोज पर्यटन विकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अगर इस स्थल को संरक्षित कर विकसित किया जाए तो यह उत्तराखंड के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन का अहम हिस्सा बन सकता है।
पुरातत्व विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
पुरातत्व विशेषज्ञों के अनुसार, इस खोज से हिमालयी क्षेत्र के प्राचीन मानव जीवन, संस्कृति और बसावट के बारे में नई जानकारी मिलने की संभावना है। यह खोज न सिर्फ अकादमिक शोध बल्कि स्थानीय रोजगार और पर्यटन के नए अवसर भी पैदा कर सकती है।
