हल्द्वानी मचान रेस्टोरेंट में पानी की जगह एसिड पिलाने के मामले में रेस्टोरेंट संचालक को 2 साल की सजा।
हल्द्वानी। हल्द्वानी के दुर्गा सिटी सेंटर स्थित मचान रेस्टोरेंट में 20 दिसंबर 2013 को परिवार के साथ खाना खाने पहुंचे लालकुआं निवासी नरेश साहनी की पत्नी धीरज साहनी की जिंदगी उस समय बदल गई, जब उसने पानी समझकर एसिड पी लिया। एक ही घूंट ने गला और मुंह बुरी तरह जला दिया।

18 दिन तक चला इलाज, खर्च हुए चार लाख रुपए
पहले हल्द्वानी के कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, लेकिन तबीयत बिगड़ने पर बरेली रेफर किया गया। 18 दिन के लंबे इलाज और करीब चार लाख रुपये खर्च के बाद महिला की जान बच सकी।

फोरेंसिक रिपोर्ट ने खोला राज
संदिग्ध बोतल की जांच सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लैब, चंडीगढ़ में हुई। रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ—बोतल के पानी में 99.8 फीसदी एसिटिक एसिड मिला हुआ था।
अदालत का सख्त फैसला
लंबी सुनवाई के बाद प्रथम अपर सिविल जज जूनियर डिविजन/न्यायिक मजिस्ट्रेट आदर्श त्रिपाठी ने शुक्रवार को रेस्टोरेंट संचालक अखिलेश सेमवाल को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई:
- धारा 285: 6 माह का साधारण कारावास
- धारा 338: 2 वर्ष का साधारण कारावास और 1 लाख रुपये का जुर्माना
दूसरे आरोपी कुंदन राम ने अपराध स्वीकार कर अर्थदंड पहले ही जमा कर दिया था।
प्रशासनिक निगरानी पर उठे सवाल
यह मामला रेस्टोरेंट्स में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है। न्यायालय का यह फैसला भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नजीर बनेगा।
