दीपेंद्र कोश्यारी के मंच से तीन बड़े नेता गायब, टिकट राजनीति में हलचल
हल्द्वानी। हल्द्वानी के गौलापार में पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के भतीजे दीपेंद्र कोश्यारी का जन्मदिन बड़े धूमधाम से “समरसता दिवस” के रूप में मनाया गया। मंच पर खुद पूर्व मुख्यमंत्री भगत दा मौजूद रहे। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और बीजेपी के कई स्थानीय नेता भी कार्यक्रम में पहुंचे। मंच से दीपेंद्र को भविष्य का नेता, भगत दा का हनुमान और संघर्षशील युवा नेता कहकर पुकारा गया।

लेकिन इस पूरे समरसता मंच में तीन बड़े चेहरे नदारद रहे-
- लालकुआं से बीजेपी के पूर्व विधायक नवीन दुम्का
- लालकुआं से बीजेपी के वर्तमान विधायक मोहन सिंह बिष्ट
- नैनीताल जिल के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट
लालकुआं की सियासत में इन तीनों का दबदबा किसी से छुपा नहीं है। 2027 की टिकट राजनीति में ये तीनों ही अहम दावेदार माने जाते हैं। ऐसे में दीपेंद्र कोश्यारी के मंच से इनका गायब रहना महज संयोग था या एक सोची-समझी रणनीति, इस पर सियासी गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है।

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दीपेंद्र कोश्यारी लगातार गौलापार से लेकर बिंदुखत्ता तक कार्यक्रम कर रहे हैं ताकि जनता के बीच पकड़ मजबूत हो और 2027 के लिए माहौल बनाया जा सके। हालांकि टिकट के लिए मुकाबला आसान नहीं होगा, क्योंकि सामने दुम्का और बिष्ट जैसे मजबूत खिलाड़ी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भगत सिंह कोश्यारी की भूमिका और इन नेताओं के समीकरण ही तय करेंगे कि टिकट किसके हाथ लगेगा।
