सौरभ बहुगुणा का कांग्रेस पर हमला
देहरादून। उत्तराखंड सरकार में मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए 1981 के गढ़वाल उपचुनाव की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वोट चोरी का आरोप लगाकर देश को गुमराह करने की कोशिश कर रही है, लेकिन सच यह है कि वोट चोरी की असली पहचान कांग्रेस ही रही है।

सौरभ बहुगुणा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 1981 का गढ़वाल उपचुनाव इसका जीता-जागता उदाहरण है। उस समय मेरे दादा जी, स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा जी, सत्ता और षड्यंत्र की पूरी ताक़तों से अकेले लड़े। मतदान के दिन कांग्रेस ने संगठित वोट चोरी और धांधली की सारी हदें पार कर दीं। लेकिन अंततः जनबल ने धनबल को हराया और दादा जी विजयी हुए। उन्होंने कहा कि अगर आज कांग्रेस लोकतंत्र की दुहाई देती है तो उसे गढ़वाल की उस “काली सच्चाई” को भी याद करना चाहिए।
गढ़वाल उपचुनाव 1981: ऐतिहासिक संदर्भ

गढ़वाल का यह उपचुनाव उत्तराखंड (तत्कालीन उत्तर प्रदेश) की राजनीति में एक अहम मोड़ माना जाता है। स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा जी उस समय कांग्रेस छोड़कर विपक्ष से चुनाव लड़ रहे थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव में जनता ने कांग्रेस की चुनावी रणनीतियों के खिलाफ खुलकर मतदान किया, जिससे बहुगुणा जी को ऐतिहासिक जीत मिली।
सौरभ बहुगुणा का बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विभिन्न मुद्दों को लेकर हमलावर है। बहुगुणा का यह बयान कांग्रेस के अतीत पर चोट करने वाला माना जा रहा है, खासकर तब जब कांग्रेस लोकतंत्र और पारदर्शिता की बात कर रही है।
