छात्र नेताओं संग भाजपा नेताओं की अहम बैठक
देहरादून। देशभर में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ को लेकर बहस लगातार तेज़ होती जा रही है। केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारें इस मुद्दे पर पूरी तरह एकमत हैं। इसी कड़ी में रविवार को देहरादून में छात्र नेताओं के साथ इस विषय पर अहम चर्चा हुई। खास बात यह रही कि कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी मौजूद रहे।

धनखड़ ने इंदिरा गांधी पर साधा निशाना
सम्मेलन को संबोधित करते हुए ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि 1967 तक देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होते थे, लेकिन इंदिरा गांधी ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते इस परंपरा को तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि इसके बाद देश में समय और धन की भारी बर्बादी शुरू हो गई।

खर्च और समय की बचत की दलील
धनखड़ ने बताया कि रामनाथ कोविंद कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक, एक राष्ट्र, एक चुनाव लागू होने पर करीब एक तिहाई खर्च की बचत संभव है। लाखों करोड़ रुपये कार्य दिवसों और आचार संहिता के चलते होने वाली बंदिशों से भी बचाए जा सकते हैं। यही कारण है कि लोकसभा में 129वें संशोधन के लिए विधेयक संसदीय समिति के पास प्रस्तुत किया गया है।
महेंद्र भट्ट बोले—छात्र नेता हर आंदोलन की नींव
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में छात्र नेताओं ने इस सम्मेलन में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि छात्र नेता हर आंदोलन की नींव होते हैं। इस चर्चा के बाद राज्य में भी एक राष्ट्र, एक चुनाव को लेकर माहौल और मजबूत होगा।
कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार के दायित्वधारी रमेश गड़िया, युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शशांक रावत सहित वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं सैकड़ों छात्र उपस्थित रहे।
