हरिद्वार में बारिश से नगर निगम की पोल खुली
हरिद्वार। हरिद्वार में हुई तेज बारिश ने नगर निगम की लापरवाहियों की पोल खोल दी। बारिश ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। शहर की मुख्य सड़कों से लेकर गलियों तक पानी भर गया।

शहरी क्षेत्र तालाब में तब्दील
शिव मूर्ति से लेकर रेलवे स्टेशन तक की सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। जगह-जगह जलभराव के कारण लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे। दुकानों और दफ्तरों में पानी घुसने से लोग बेहद परेशान दिखे। सुबह काम पर निकलना भी मुश्किल हो गया।

व्यापारियों को भारी नुकसान
स्थानीय व्यापारियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हर साल यही हालात बनते हैं। नगर निगम नालों की सफाई का दावा करता है, लेकिन बारिश होते ही स्थिति बिगड़ जाती है। दुकानों में पानी घुसने से हजारों का सामान खराब हो गया। व्यापारियों ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और मुआवजे की मांग की।
ग्रामीण इलाकों में भी हाहाकार
ग्रामीण क्षेत्र के बहादराबाद और आसपास के गांवों में भी पानी भर गया। खेत-खलिहानों में पानी भरने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। कई जगह घरों में भी पानी घुस गया है, जिससे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा।
नगर निगम और प्रशासन पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम हर बार सफाई और जलभराव की समस्या से निपटने के बड़े दावे करता है, लेकिन हर बारिश में हालात बेकाबू हो जाते हैं। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर बरसात से पहले नालों और जल निकासी की व्यवस्था क्यों नहीं की जाती।
