नवंबर में विधानसभा का विशेष सत्र
देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा की रजत जयंती के अवसर पर आगामी नवंबर माह में दो दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में राज्य की 25 वर्षों की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर व्यापक चर्चा होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विशेष सत्र में न केवल विकास यात्रा प्रस्तुत की जाएगी, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए रोडमैप भी तैयार किया जाएगा।

प्रशासनिक सुधारों की घोषणा
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सुगमता को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस क्षेत्राधिकारी और बीडीओ के कार्यालय एक ही छत के नीचे एकीकृत रूप से स्थापित किए जाएंगे, ताकि जनता को सरकारी सेवाओं तक आसानी से पहुंच मिल सके।
ग्राम स्तर पर सेवाएं
ग्रामीण जनता की सुविधा के लिए अब ग्राम सभा स्तर पर सप्ताह में एक दिन पंचायत भवन में पंचायत सचिव, ग्राम विकास अधिकारी, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री की उपस्थिति अनिवार्य होगी। यह व्यवस्था रोस्टर के अनुसार सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन निर्णयों का तत्काल क्रियान्वयन हो और स्पष्ट किया कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
